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पीएम मोदी का भावुक संदेश आते ही बदल गया माहौल... आखिर कौन था भारत का 'सच्चा मित्र'?

 


भारत और कतर के दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों के बीच एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण क्षण सामने आया है। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय सम्मान के तहत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत का "सच्चा मित्र" बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि भारत सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर पूरे देश में सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का निर्णय लिया है।

यह कदम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और कतर के बीच वर्षों से चले आ रहे मजबूत कूटनीतिक और मित्रतापूर्ण संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी जारी करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे देश में सभी सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रीय शोक के दौरान आधा झुका रहेगा तिरंगा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दिन भारत की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं को दिया जाता है जिनका भारत के साथ विशेष संबंध रहा हो और जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असाधारण योगदान माना जाता हो।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शोक के दौरान सरकारी स्तर पर किसी प्रकार के उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम या आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रकट करने और भारत की संवेदनाओं को व्यक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।

पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भावुक संदेश साझा करते हुए कतर के पूर्व अमीर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने अपने नेतृत्व में कतर को आधुनिक, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र बनाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन्हें हमेशा एक "सच्चे मित्र" के रूप में याद रखेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान उन्हें शेख हमद से मिलने का अवसर मिला था, जिसे उन्होंने अपने लिए सम्मान की बात बताया।

पीएम मोदी ने वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार तथा कतर की जनता के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

भारत सरकार की ओर से कतर जाएंगे किरेन रिजिजू

भारत सरकार ने इस दुखद अवसर पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व का भी निर्णय लिया है। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर की यात्रा करेंगे।

वे भारत सरकार और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से कतर के शाही परिवार को आधिकारिक रूप से संवेदना व्यक्त करेंगे। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और परस्पर सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के माध्यम से भारत यह संदेश देना चाहता है कि कतर उसके लिए केवल ऊर्जा साझेदार ही नहीं, बल्कि रणनीतिक और विश्वसनीय मित्र भी है।

कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल थानी?

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी आधुनिक कतर के निर्माता माने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में सत्ता संभाली और लगभग 18 वर्षों तक देश के अमीर के रूप में शासन किया।

उनके नेतृत्व में कतर ने अभूतपूर्व आर्थिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय विकास देखा। प्राकृतिक गैस संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर उन्होंने कतर को दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल कर दिया।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और तकनीकी विकास में बड़े निवेश किए। साथ ही देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू कीं।

2013 में स्वेच्छा से बेटे को सौंप दी सत्ता

दुनिया के कई देशों में सत्ता परिवर्तन अक्सर विवादों और राजनीतिक संघर्षों के बीच होता है, लेकिन शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने जून 2013 में स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी।

यह फैसला उस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना था क्योंकि किसी अरब देश में इस तरह का शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक सत्ता हस्तांतरण बेहद दुर्लभ माना जाता है।

उनके इस निर्णय को दूरदर्शिता और संस्थागत लोकतांत्रिक सोच का उदाहरण बताया गया था।

कतर को वैश्विक शक्ति बनाने में निभाई अहम भूमिका

शेख हमद के कार्यकाल में कतर केवल तेल और गैस उत्पादक देश तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने देश को वैश्विक कूटनीति, मीडिया, खेल और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई।

उनके शासनकाल में कतर ने दुनिया भर में बड़े निवेश किए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका स्थापित की। वैश्विक आर्थिक संस्थानों में कतर की भागीदारी लगातार बढ़ी।

देश ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की। कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के परिसर कतर में स्थापित किए गए।

खेल जगत में भी बनाई अलग पहचान

शेख हमद की नीतियों का ही परिणाम था कि कतर ने खेलों के क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश किया।

बाद के वर्षों में कतर ने फीफा विश्व कप जैसे विश्वस्तरीय आयोजन की मेजबानी कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आधुनिक स्टेडियम, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और उत्कृष्ट आयोजन क्षमता ने कतर को खेलों की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सफलता की मजबूत नींव शेख हमद के शासनकाल में ही रखी गई थी।

भारत-कतर संबंधों को मिली नई ऊंचाई

शेख हमद के नेतृत्व में भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत होते गए।

ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कतर भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बना। भारत अपनी एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की बड़ी मात्रा कतर से आयात करता है।

इसके अलावा व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ।

कतर में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। दोनों देशों के बीच मानवीय संबंध भी बेहद मजबूत माने जाते हैं।

फरवरी 2024 की मुलाकात रही खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में फरवरी 2024 की कतर यात्रा का भी उल्लेख किया।

उस दौरान उनकी मुलाकात शेख हमद बिन खलीफा अल थानी से हुई थी। इस मुलाकात को दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह मुलाकात हमेशा उनकी स्मृतियों में रहेगी और शेख हमद की दूरदर्शिता तथा सादगी उन्हें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

दुनिया भर से पहुंच रही श्रद्धांजलियां

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद दुनिया के कई देशों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें ऐसे नेता के रूप में याद कर रहा है जिन्होंने एक छोटे से देश को वैश्विक प्रभाव वाला राष्ट्र बनाया। उनकी विदेश नीति, आर्थिक सुधारों और विकास मॉडल की लंबे समय तक चर्चा होती रहेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शेख हमद का योगदान केवल कतर तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे पश्चिम एशिया की कूटनीति और वैश्विक संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत ने फिर निभाई मित्रता की मिसाल

राष्ट्रीय शोक की घोषणा, तिरंगे को आधा झुकाने का निर्णय और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कतर दौरा इस बात का संकेत है कि भारत अपने मित्र देशों और उनके नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने की परंपरा को गंभीरता से निभाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें "भारत का सच्चा मित्र" बताया जाना इस बात का प्रमाण है कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी केवल कतर के नेता ही नहीं थे, बल्कि भारत-कतर संबंधों के मजबूत स्तंभों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन के साथ विश्व राजनीति ने एक ऐसे दूरदर्शी नेतृत्व को खो दिया है, जिसकी नीतियों और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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